हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी को लिया निशाने पर..
उत्तराखंड: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा धमाका कर दिया हैं। प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने बुधवार को सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया। उनका कहना हैं कि अगर इसी तरह का रुख रहा तो वह राजनीति से संन्यास भी ले सकते हैं।
कांग्रेस महासचिव हरीश रावत काफी समय से स्वयं को पार्टी का चुनावी चेहरा घोषित करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे अनसुना कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव समेत अन्य केंद्रीय नेता सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लडऩे की बात कह रहे हैं। उधर, रावत के मीडिया सलाहकार व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को भाजपा का एजेंट कहकर आग में और घी डाल दिया।
अभी तक तो रावत या उनके किसी नजदीकी नेता ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की थी, लेकिन बुधवार को स्वयं हरीश रावत ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर मोर्चा खोल दिया। फेसबुक व ट्विटर पर की गई पोस्ट में रावत ने चुनाव के समय संगठन पर सहयोग के बजाय नकारात्मक भूमिका निभाने का सीधा आरोप मढ़ दिया। उन्होंने प्रदेश प्रभारी या किसी अन्य केंद्रीय नेता के नाम का उल्लेख तो नहीं किया, लेकिन संकेतों में कह दिया कि चुनाव में जिनके आदेश पर आगे बढ़ना है, उनके प्रतिनिधि मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं।
रावत ने हाईकमान और उनके प्रतिनिधि, यानी प्रदेश प्रभारी सहित उत्तराखंड भेजे गए अन्य केंद्रीय नेताओं पर निशाना साधा है। 73 वर्षीय रावत ने भावुक अंदाज में पार्टी को यह चेतावनी तक दे दी कि बहुत हो गया, विश्राम (राजनीति के दृष्टिकोण से संन्यास ही समझा जाएगा) का समय आ गया।
महत्वपूर्ण बात यह हैं कि अपनी पोस्ट के अंत में रावत ने श्रीमद् भगवद गीता के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि दीन-हीन नहीं बने रहेंगे और न पलायन करेंगे। नया वर्ष ऊहापोह की इस स्थिति में शायद रास्ता दिखा दे। पोस्ट के इन पंक्तियों के भी कई निहितार्थ समझे जा रहे हैं।
आपको बता दे कि रावत ने तो अपनी बात संकेतों में कही लेकिन उनके मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल ने सीधे प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव का नाम लेकर उन्हें भाजपा के इशारों पर काम करने वाला बता दिया। उनका कहना हैं कि कुछ ताकतें ऐसी हैं, जो नहीं चाहती कि हरीश रावत को आगे किया जाए। प्रदेश प्रभारी जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे कांग्रेस की सत्ता में वापसी में अड़ंगा लग रहा है। हाईकमान को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
रुद्रप्रयाग जिले के प्रवेशद्वार खांकरा में 24 को होगा यात्रा का भव्य स्वागत..
भाजपा जिलाध्यक्ष ने की पत्रकारों से वार्ता..
रुद्रप्रयाग। प्रदेश में भाजपा की विजय संकल्प यात्रा का आगाज हो गया है। यह यात्रा हर जनपद में पहुंचकर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का काम कर रही है। रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल ने बताया कि जनपद में 24 दिसम्बर को जिले के प्रवेश द्वार खांकरा में यात्रा का भव्य तरीके से स्वागत किया जायेगा।
इसके बाद रुद्रप्रयाग नगर मंडल की ओर से रैंतोली, जखोली, सिद्धसौड और तिलवाड़ा मण्डल के कार्यकर्ताओं के साथ तिलवाड़ा कस्बे में रोड शो और अगस्त्यमुनि में जनसभा का आयोजन किया जायेगा। फिर विजय संकल्प यात्रा चन्द्रापुरी-भीरी होते हुए ऊखीमठ ओंकारेश्वर मन्दिर में दर्शन के बाद रोड शो करते हुए चोपता से चमोली जनपद को प्रस्थान करेगी। यात्रा पुनः 26 दिसम्बर को यात्रा रुद्रप्रयाग जिले के नागरासू घोलतीर में प्रवेश करेगी, जहां भव्य स्वागत कर रुद्रप्रयाग में रोड शो के बाद पौड़ी जिले के लिए प्रस्थान करेगी।
रुद्रप्रयाग में रोड शो के दौरान 25 से 30 हजार लोग यात्रा में उमड़ेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि केदारनाथ व रुद्रप्रयाग विधानसभा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में यात्रा आगमन पर भव्य स्वागत की तैयारियां की जायेंगी। विजय संकल्प यात्रा में भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजय वर्गीय, पूर्व सांसद बलराज पासी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत, काबीना मंत्री डाॅ धन सिंह रावत मौजूद रहेंगे।
यात्रा के जिला संयोजक विधायक भरत सिंह चौधरी रहेंगे। उन्होंने बताया कि विजय संकल्प यात्रा को जिले में भव्य स्वागत की तैयारियों के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गई। प्रत्येक मण्डल के प्रत्येक बूथ से कार्यकर्ता यात्रा में शिरकत करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी मण्डल अध्यक्ष व प्रभारी की होगी। पत्रकार वार्ता में विजय संकल्प यात्रा की जिला प्रमुख अमरदेई शाह, जिला मीडिया प्रमुख ओम प्रकाश बहुगुणा मौजूद थे।
दुकानदार ने बीएससी की छात्रा को बेरहमी से पीटा, ऑक्सीजन सपोर्ट पर अस्पताल में भर्ती..
उत्तराखंड: जिस तरह से महिलाओं को आंटी कहने पर महिलाएं भड़क जाती है ठीक उसी तरह एक दुकानदार उस वक़्त भड़क गया जब दुकान पर पहुंची युवती ने उसे अंकल कह दिया। खुद को अंकल सुनने पर दुकानदार इतना भड़क गया की उसने युवती की जमकर पिटाई कर दी। आपको बता दे ये अजीबो गरीब मामला खटीमा का है जहाँ सितारगंज में बीएससी की पढ़ाई कर रही छात्र खटीमा रोड स्तिथ पर बैटमिंटन खरीदने गई थी।
लेकिन कुछ शिकायत होने के बाद युवती उसी बैटमिंटन को बदलवाने गई थी। छात्रा का आरोप है की उसने दुकानदार को अंकल कहा था जिसके कारण उसकी पिटाई हुई। हालाकिं 18 वर्षीय युवती को गंभीर चोटें आई है छात्रा को साँस लेने में भी दिक्कत हो रही है जिसकी वजह से उसे ऑक्सीजन लगाया गया। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया की दुकानदार ने पहले लड़की का सर काउंटर पर दे मारा।
इसके बाद दुकानदार ने युवती पर लात घूसों की बारिश कर दी। जब युवती पिटाई से बेसुध हो गई तो उसके परिजनों को सूचित किया गया जिसके बाद उसे अस्पताल ने भर्ती कराया गया। हालाकिं परिजनों ने स्थानीय थाने में दुकानदार पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया है।
उत्तराखंड में नई खेल नीति लागू,राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरी देगी प्रदेश सरकार..
उत्तराखंड: नई खेल नीति को कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकार नौकरी और खेल का माहौल उपलब्ध कराएगी। इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसके साथ ही छोटी उम्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी सरकार की ओर से खजाना खोला गया है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
आपको बता दे कि प्रदेश की नई खेल नीति के अनुसार ओलंपिक खेल में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी को समूह ख पद (ग्रेड पे-5400) पर नियुक्ति दी जाएगी। जबकि ओलंपिक खेल में प्रतिभाग, विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को ग्रेड पे-4600 एवं 4800 के सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
अधिसूचना के अनुसार, सैफ खेल व राष्ट्रीय खेल में पदक विजेता खिलाड़ियों, एशियन खेल, राष्ट्रमंडल खेल, मान्यता प्राप्त खेल संघों की ओर से आयोजित विश्व चैंपियनशिप, विश्वकप के प्रतिभागियों, एशियन चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी खेल प्रतिस्पर्धा के स्तर एवं उसकी महत्ता के अनुसार विभागों के चिह्नित समूह ग के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
आपको बता दे कि प्रदेश के 14 से 23 साल तक के मेधावी खिलाड़ियों को खेल संबंधी जरूरतों के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। हर साल 2,600 खिलाड़ियों को दो हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी।
प्रदेश के खिलाड़ियों को शैक्षणिक, तकनीकी संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए पांच फीसदी खेल कोटा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश में मुख्यमंत्री खेल विकास निधि की भी स्थापना की जाएगी।
मशहूर कलाकार घन्ना भाई को मिलेगी डी-लिट की उपाधि..
उत्तराखंड: मशहूर हास्य कलाकार घनानंद उर्फ घन्ना भाई को सरकार जल्द डी-लिट की उपाधि से सम्मानित करने जा रही है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धर्म सिंह रावत ने इसकी जानकारी दी हैं। आपको बता दे कि गढ़वाली सिनेमा एवं कला संस्कृति जगत में अपनी विशेष पहचान रखने और गढ़वाली सिनेमा और लोक कला को संजोकर आगे बढ़ाने के क्षेत्र में वे सबसे मशहूर चेहरा बने हुए हैं।
शिक्षा मंत्री का कहना हैं कि गढ़वाली सिनेमा, संस्कृति और कला के विकास में घनानंद का योगदान अतुलनीय है। जहां उन्होंने लोक कला और हास्य के जरिये गढ़वाली भाषा के विकास में अहम भूमिका निभाई, वहीं प्रदेश के युवाओं के लिए भी वे प्रेरणा बने हुए हैं। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी बोली भाषा से अनजान ना रहे। गढ़वाली सिनेमा जगत में आज वह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। धन सिंह रावत का कहना हैं कि अगले साल कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डी-लिट की उपाधि दिए जाने योजना हैं।
जिला अस्पताल की शिफ्टिंग के विरोध में रुद्रप्रयाग में धरना..
रुद्रप्रयाग। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग की शिफ्टिंग का विरोध और इसे पूर्व की भांति संचालन व माधवाश्रम अस्पताल को बेस अस्पताल के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर अस्पताल बचाओ समिति का क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान विधायक भरत सिंह चौधरी के व्यवहार के प्रति भी आंदोलनकारियों ने रोष जताया। उन्होंने मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने का निर्णय लिया है।
बीते आठ दिसंबर से जारी धरना में समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि जिला चिकित्सालय से अनुभागों को माधवाश्रम अस्पताल में शिफ्ट करने के बजाय पूर्व की भांति संचालन किया जाए। जिलेवासियों के साथ ही चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले जरूरतमंद लोगों को जिला चिकित्सालय पहुंचने में आसानी होती है। लेकिन जिस तरह से अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन द्वारा यहां से हड्डी रोग, दंत, नेत्र, ईएनटी सहित अन्य अनुभागों को माधवाश्रम अस्पताल शिफ्ट किया गया है, वह स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से सही नहीं है।
मुख्य बाजार से कोटेश्वर पहुंचने के लिए मरीज व तीमारदारों को खासी दिक्कतें होंगी। लेकिन इस दिशा में कोई विचार नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस के राय सिंह बिष्ट, आप पार्टी के केपी ढौडियाल व जोत सिंह बिष्ट और सामाजिक कार्यकर्ता जयपाल भारती आदि ने कहा कि अगर शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करनी हैं, तो जिला चिकित्सालय को शिफ्ट करने के बजाय कोटेश्वर अस्पताल को बेस अस्पताल की तर्ज पर विकसित किया जाए।
उन्होंने विधायक भरत चौधरीके प्रति भी नाराजगी जताई। कहा कि विधायक जिला चिकित्सालय में आए। लेकिन उन्होंने धरना स्थल की तरफ देखना भी जरूरी नहीं समझा। इस मौके पर भूपाल सिंह, महेश्वर प्रसाद पुरोहित, बलवीर सिंह रावत, शशि देवी, रूपलाल, सुशीला देवी, शमशेर सिंह मल्ल, मोनिका कोटली
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला..
उत्तराखंड: भाजपा सरकार पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने एक बार फिर से जमकर हमला बोला। भाजपा की डबल इंजन की सरकार में तेजी से महंगाई बढ़ रही है। अब लोग बदलाव चाहते हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने बड़े-बड़े वायदे किए, जो आजतक पूरे नहीं हो पाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र चकराता विधानसभा के जौनसार स्थित क्वांसी क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। मिनी स्टेडियम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा को आड़े हाथ लिया। नेता प्रतिपक्ष का कहना हैं कि उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है। लोग बदलाव चाहते हैं।
उनका कहना हैं कि जुमलेबाज भाजपा सरकार ने प्रदेशवासियों से कई बड़े वादे किए, जो आज तक पूरे नहीं हुए। उनका कहना है कि अगर भाजपा सरकार बनने से जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर का विकास पूरी तरह ठप पड़ गया। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के शासन में जौनसार बावर में शुरू हुए तमाम बड़े विकास कार्य भाजपा सरकार आने से रुक गए हैं।
वेतन और प्रमोशन न मिलने के कारण रोडवेज कर्मी कल से काला फीता बांधकर करेंगे काम..
उत्तराखंड: उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन 22 दिसंबर से वेतन और प्रमोशन समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की शुरु करने जा रही हैं। पहले चरण में काले फीते बांध काम किया जाएगा। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि बेहतर इनकम के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों का वेतन रोकना निगम प्रबंधन की तानाशाही को दर्शाता है।
आपको बता दे कि सोमवार को हल्द्वानी स्टेशन पर आयोजित मंडल बैठक में काशीपुर, रुद्रपुर, रामनगर, हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, रानीखेत व अल्मोड़ा डिपो के पदाधिकारी शामिल हुए। उनका कहना हैं कि कहा कि ईएसआइ का लाभ देने के साथ पहाड़ पर बंद मार्गों पर दोबारा बसों का संचालन होना चाहिए। प्रोत्साहन योजना के बंद होने पर नाराजगी भी जताई गई। मंडल अध्यक्ष गुरमेल सिंहका कहना हैं कि स्पेयर पाट्र्स और ई-टिकट मशीनों की कमी के कारण अक्सर दिक्कत आ रही है।
उसके बावजूद भी संसाधन मुहैया नहीं हुए। वहीं, बैठक में स्थायी आरएम संचालन की नियुक्ति के साथ डग्गामारों पर निर्णायक कार्रवाई की मांग भी उठी। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि बेहतर इनकम के बावजूद रोडवेज कर्मचारियों का वेतन रोकना निगम प्रबंधन की तानाशाही को दर्शाता है।
अमेरिका विशेषज्ञों की चेतावनी- फिर दिख सकते हैं पुराने वाले हालात, सावधान रहें लोग..
देश-विदेश: कई देशों में ओमिक्रॉन का प्रसार तेजी से हो रहा है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में ओमिक्रॉन ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। इस बीच अमेरिकी विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि डेल्टा वैरिएंट ने भी अमेरिका में तबाही मचाई थी और ओमिक्रॉन भी इसी रास्ते में है, यह वैरिएंट भी कई बड़े देशों के लिए खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इससे संक्रमण फैलने की रफ्तार अन्य वैरिएंट से कई गुना ज्यादा है। यही एकमात्र कारण है जो इसे ज्यादा खतरनाक बनाता है।
लोग अभी पुराने हालात से संभल नहीं पाए हैं: विशेषज्ञ..
ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए बूस्टर शॉट्स की वकालत करते हुए, एक कार्डियोलॉजिस्ट और स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के संस्थापक, डॉ एरिक टोपोल का कहना हैं कि अमेरिकी नागरिक अभी भी पुराने हालात से संभल नहीं पाए हैं, और अगर इसी बीच ओमिक्रॉन तेजी से फैलने लगा तो ये बहुत बड़ी तबाही मचा सकता है। जिससे कई लोगों की जिंदगी खत्म हो जाएगी।
डॉ एरिक टोपोल का कहना हैं कि पूरी तरह से टीकाकरण का मतलब दो के बजाय तीन शॉट होना चाहिए। लोगों को बूस्टर डोज की बहुत जरूरत है। इसको जल्द से जल्द अमल में लाना चाहिए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार डॉ एंथनी फाउसी का कहना है कि ओमिक्रॉन की गंभीरता पर बहुत अधिक डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका का हवाला देते हुए कहा कि फिलहाल यहां अस्पताल में भर्ती होने का अनुपात डेल्टा की तुलना में कम है। यह व्यापक पिछले संक्रमणों से अंतर्निहित प्रतिरक्षा के कारण हो सकता है।
उत्तराखंड बोर्ड मेधावी छात्र-छात्राओं के खाते में लैपटॉप के लिए 40 हजार रुपये देगी सरकार..
उत्तराखंड: प्रदेश में उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से इस सप्ताह तक सरकार लैपटॉप के लिए 40 हजार रुपये देगी। शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी का कहना हैं कि विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द मेधावी छात्रों को डीबीटी के माध्यम से लैपटॉप की रकम दे दी जाए।
उत्तराखंड बोर्ड के वर्ष 2019-20 के मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए तय किया गया था कि विभाग की ओर से लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन अब तक मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए लैपटॉप नहीं खरीदे जा सके हैं। विभाग ने इसके लिए अब तक टैंडर भी नहीं निकाले हैं। अब जब विधानसभा चुनाव सिर पर आ गए हैं तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीदकर देने के बजाए डीबीटी के माध्यम से इसकी रकम देने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में टॉप 25 में आए छात्र-छात्राओं के खातों में यह रकम दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से ऐसे छात्र-छात्राओं की सूची मंगा ली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के टॉप 25 छात्र-छात्राओं में करीब 125 छात्र-छात्राएं इस दायरे में आ रहे हैं। जिन्हें लैपटॉप के लिए धनराशि दी जाएगी। जिसके लिए 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। शासन से आदेश मिलते ही छात्रों को इसके लिए धनराशि दे दी जाएगी।
आचार संहिता लगने से योजना शुरू करने पर जोर
आपको बता दे कि चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले सरकार का मेधावियों को लैपटॉप दे देने पर जोर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा के मेधावियों को लैपटाप देने की घोषणा की थी। सरकार इस कोशिश में है कि आचार संहिता लगने से पहले मेधावियों को लैपटाप मिल ही जाए। सरकार लैपटॉप खरीद कर देने के बजाय सीधे डीबीटी के माध्यम से छात्र-छात्राओं के खाते में 40 हजार रुपये की राशि जमा करेगी।
2.59 लाख छात्रों को इसी मह मिलेगा टैबलेट का पैसा
प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों और उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के 2.59 लाख छात्र-छात्राओं को इसी महीने टैबलेट के लिए पैसे मिल जाएंगे। विभाग की इसके लिए 25 दिसंबर को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में समारोह आयोजित करने की तैयारी कर ली है। फिलहाल कुछ विधानसभा क्षेत्रों के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बना दिया गया है।
हर विधान सभा क्षेत्र में होंगे कार्यक्रम..
टैबलेट के पैसे देने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित होंगे। हर विधान सभा क्षेत्र के कार्यक्रम में 100-100 बच्चों को बुलाने की तैयारी की गई है।
